अमृत कलश

Saturday, July 23, 2011

एक कहानी

आज मैं अपनी माता जी श्रीमती ज्ञानवती सक्सेना 'किरण' द्वारा बाल साहित्य पर रचित कविता संग्रह "अमृत कलश " की पहली रचना इस ब्लॉग के माध्यम से आप सब पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही हूँ | आशा है आप को ये रचनाएँ पसंद आयेंगी | आपकी अनमोल प्रतिक्रिया, सुझाव एवं प्रोत्साहन का हृदय से स्वागत है !

एक कहानी

मेरी नानी प्यारी नानी
मुझे सुना दो एक कहानी |
जिसमें चन्दा तारे ना हों
पतझड़ और बहारें ना हों |
परी देव की ना हो कहानी
राजा रानी की न सुहानी |
ना फूलों की, पशु पक्षी की
ना भौरे की, मधुमक्खी की |
ना देवों की, ना दानव की
ना पशुओं की, ना मानव की |
हो वह देश भक्ति की बाँकी
किसने किसकी कीमत आँकी |
किसने उस पर तनमन वारा
कौन देश पर गया उबारा |
किसने गाली गोली खाई
किसने फाँसी सूली पाई |
कौन शत्रु पर टूट पड़ा था
कौन युद्ध में अजय खड़ा था |
कैसे यह स्वतंत्रता पाई
फिर भारत में हलचल छाई |
कैसे आशा छाई सुहानी
मुझे सुना दो वही कहानी |


किरण

12 comments:

  1. मम्मी की बालोपयोगी रचनाओं का यह ब्लॉग खोल कर आपने बहुत ही प्रशंसनीय कार्य किया है जीजी ! अब पाठकों तक उनकी बाकी अनमोल रचनाएं भी पहुँच सकेंगी ! यह रचना भी बेहद सुन्दर है ओज, ऊर्जा तथा देशप्रेम की भावना से ओत प्रोत ! पढ़ कर मन खुश हो गया ! इस सराहनीय कदम के लिये बधाई एवं आभार !

    ReplyDelete
  2. मां जी की यह बाल कविता उच्च कोटि की है।
    उनकी और रचनाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

    ReplyDelete
  3. महेंद्र जी ब्लॉग पर आने के लिए आभार |
    इसी प्रकार स्नेह बनाए रखें |
    मुझे मम्मी की कवितायेँ और रचनाएँ यहाँ पोस्ट करने की प्रेरणा मिलेगी
    आशा

    ReplyDelete
  4. शास्त्री जी ,
    सर आपका इस ब्लॉग पर स्वागत है |आभार
    आशा

    ReplyDelete
  5. आशा जी ,

    माँ ज्ञानवती जी कि बालोपयोगी रचनाएँ यहाँ प्रेषित करने के लिए बधाई ... और आभार ..
    स्वतंत्रता और वीरों की कहानी सुनाने की बाल इच्छा बहुत अच्छी लगी ..

    ReplyDelete
  6. आदरणीय आशा माँ
    नमस्कार
    सराहनीय कदम के लिये बधाई एवं आभार !
    आगे भी नानी जी की रचनाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

    ReplyDelete
  7. बहुत जानदार...रुकी है मुझ पर!!

    ReplyDelete
  8. बहुत सुन्दर.और रचनाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

    ReplyDelete
  9. वाह बहुत ही प्यारा संदेश देती कविता।
    मित्रता दिवस की शुभकामनायें।

    ReplyDelete