अमृत कलश

Friday, November 4, 2011

पहेलियाँ

(१)
फूलों में फूल कहाऊँ ,और सागों में साग
उलट पढोगे भीग जाओगे ,जल्दी जाओ भाग |
(२)
अंत कटे बोझा बनूँ ,मध्य कटे तो धान
आदि कटे दृढ लग्न हो ,रखना इसका मान|
(३)
मैं नित दौड लगाती हूँ ,सबकी प्यास मिटाती हूँ
खेत और खलियान सभी ,देते मुझ को मान |

ज्ञान वती सक्सेना 'किरण '


4 comments:

  1. १.गोभी
    ३.नहर
    २.अभी सोच रही हूँ|

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  2. बहुत आनंद आ रहा है अपने बचपन में पढ़ी सुनी मम्मी की इन पहेलियों को दोबारा पढ़ कर ! आज सब याद तो नहीं फिर भी अपने अनुमान से बताती हूँ !

    (१) गोभी
    (२) भारत
    (३) नहर

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  3. आपके पोस्ट पर आना सार्थक सिद्ध हुआ । पोस्ट रोचक लगा । मेरे नए पोस्ट पर आपका आमंत्रण है । धन्यवाद ।

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